|
सामाजिकरण के दौरान हम बचपन से हीं सीखते हैं कि यौनिकता बुरी बात होती है और अच्छे बच्चों को इन विषयों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. इस सीख के परिणामस्वरुप बडे होने पर भी युवा, यौन और यौनिकता से जुडे विषयों पर किसी से बात करने तथा अपने जिज्ञासाओं का समाधान करने मे संकोच का अनुभव करते हैं. हालॉकि यह जानकारी उनके लिए काफी आवश्यक होती है.
यदि आप अपनी जानकारी के लिए अपने हम-उम्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों तथा जिज्ञासओं का जबाब पदना चाहते है तो वेब -साईट के इस भाग को क्लिक करें;
|