www.12teen.org

HOME
होम
   SITEMAP
साइट-सूचक
   CONTACT
पता
   

    हम युवाओं को उनकी यौनिकता से संबंधित जीवन कौशल समझाते हैं

       

 
खोजें    
क्
क्‍यों १२टीन वेब-साईट?

ज्यादा से ज्यादा हिन्दी भाषी युवाओं तक यौनिकता से जुडी जानकारियों और सूचनाओं को पहुंचाना.

न्युजलेटर के लिये
आपना ई-मेल पहचान कोड भरे
हमारा न्युजलेटर ई-मेल आधारित और अंशदान राशि से मुक्त है
 
आपकी प्रतिक्रिया

हमे आपके सुझाव और प्रतिक्रिया का इंतजार रहता है क्योकिं यह हमें उत्साह तथा बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा प्रदान करता है. आप अपने सुझाव और विचार हमें अभी भेजें !

ई-परामर्श >> प्रश्नों के उत्तर......

प्रश्न:

मै जानना चाहता हूं कि पति-पत्नी में यौन संबंध कैसे बनते है? मै एक शरीफ लडका हूं और मै घर से बाहर भी कम निकलता हूं जिससे मेरे कोई दोस्त नहीं है. अतः कृप्या आप इस प्रश्न का उत्तर अवश्य दिजिए

   

उत्त्तरः

इस प्रश्न का उत्तर के अलग - अलग व्यक्तियों के लिए अलग हो सकता है क्योंकि यौन संबंध का तात्पर्य सभी के लिए एक समान नहीं होता. कुछ व्यक्ति साथ -साथ बैठने, एक दुसरे के यौन अंगों को सहलाने एवं चुम्बन करने को यौन क्रिया मानते है. वहीं कुछ लोग पुरुष के शिश्न का स्त्री के योनि मे समावेश को यौन क्रिया मानते है. इसके अलांवा कुछ लोग जिनकी यौन अभिव्यक्ति समलैगिक होती है वे समलैगिक व्यक्तियों के साथ संबंध को हीं यौन क्रिया मानते है. इस प्रश्न मे आप पति-पत्नी में यौन संबंध कैसे बनते है के विषय मे जानना चाहते है, जो शिश्न योनि समागम और तथा उसके बिना भी हो सकता है. वास्तव मे यह पति और पत्नी दोनो के पसंद पर निर्भर करता है. यौन संबंध के बारे मे विशेष जानकारी आप www.एवर्ट.कोम नामक वेब साईट से प्राप्त कर सकते है. जो संक्षेप मे इस प्रकार हैः एक लडके और लडकी मे यौन संबंध की शुरुआत एक दुसरे को छुने, सहलाने एवं चुम्बन करने से होती है. जिसके कारण उनके यौन अंगों मे उत्तेजना होती है जो समान्यतः लडकों के शिश्न मे तनाव और लककियों के योनि में नमी ( चिपचिपा पदार्थ के स्राव) के रुप मे देखा जाता है. यौन क्रिया के लिए दोनो मे इस प्रकार के उत्तेजना का होना काफी आवश्यक होता है क्योकि अगर लडके का शिश्न उत्तेजित नही है और लडकी के योनि मे स्राव निकलने के कारण चिकनाहट नही है तो शिश्न का योनि मे प्रवेश काफी कठिन और दोनो के लिए कष्ट कारक होगा. यह ध्यान देने वाली बात है कि यौन क्रिया मे कष्ट कदापि नही होता अगर दोनो ही यौन साथी इसके लिए तैयार हो. उत्तेजना की इस अवस्था मे पुरुष अपने शिश्न को स्त्री के योनि के मुख के पास ले जाता है और अपने शरीर को आगे-पीछे करते हुए उसमे प्रवेश कराता है. शिश्न को योनि के अंदर और बाहर करने से स्त्री और पुरुष दोनो को ही आनंद की अनुभूति होती है. यौन क्रिया करने का तरीका भी अलग - अलग व्यक्तियों मे अलग प्रकार का हो सकता है. कुछ लोग अपने साथी के साथ बैठकर, सोकर या खडे अवस्था मे यौन क्रिया करना चाहते है. ध्यान देने वाली बात है कि अवस्था चाहे जो भी हो वह दोनो हीं यौन साथी को स्वीकार्य होनी चाहिए और दोनो को ही उसमे आनंद की अनुभूति होनी चाहिए. साथ हीं यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि यौन क्रिया का तात्पर्य केवल शिश्न योनि समागम ही नही होता बल्कि आपस मे प्यार से बात करना, एक दुसरे को समझना और महत्व देना भी यौन क्रिया के अभिन्न पहलू है.